Jyeshtha Maas 2025 Daan: ज्येष्ठ मास में फ्री की इस चीज का करें दान, मृत्यु उपरांत आत्मा को नहीं होगी इस चीज में परेशानी



सभी मास में ज्येष्ठ मास का विशेष धार्मिक महत्व है. यह महीना गर्मी के मौसम के बीच में आता है और प्रचंड धूप से तन और मन को झुलसा देता है. इस मास में सूर्य अपने पूरे चरम पर होता है और इसलिए सूर्य की ज्येष्ठता के कारण इस माह को ज्येष्ठ मास कहते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ मास में दान करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि अगर इस मास में दान किया जाए तो मृत्यु के उपरांत आत्मा को कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पाप नष्ट हो जाते हैं. आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास में किस चीज का दान करना उत्तम रहेगा.

जरूर करें इस चीज का दानज्येष्ठ मास में जरूरतमंद और प्यासे को पानी पीलाने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस मास में जो व्यक्ति पानी का दान करता है, उस व्यक्ति को संपूर्ण जीवन में पुण्य फल की प्राप्ति होती है और मृत्यु के उपरांत आत्मा को कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा को लंबी यात्रा तय करनी होती है और उस यात्रा में जीवन में दान की गई वस्तुएं काम आती हैं. इसलिए अगर आप पानी का दान करते हैं तो मृत्यु के बाद आत्मा को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ता.

मौसमी फलों का करें दानज्येष्ठ मास में मौसमी फल जैसे खीरा, तरबूज, संतरा, खरबूज, ककड़ी आदि चीजों का दान करना उत्तम माना जाता है. मान्यता है कि ज्येष्ठ मास में इन चीजों का दान करने से मृत्यु के बाद यम के मार्ग में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता. साथ ही जीवन में खुशहाली बनी रहती है और देवी देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है.

इस चीजों का करें दानठंडे पानी के अलावा, जूस या लस्सी जैसे ठंडे पेय का दान भी किया जा सकता है. यह दान विशेष रूप से मंदिरों या धार्मिक स्थलों के पास किया जा सकता है, जहां श्रद्धालु अधिक आते हैं. ठंडा पेय दान करने से गरीबों और जरूरतमंदों को राहत मिलती है और यह पुण्य का कारण बनता है.

गर्मी से राहत देंगी यह चीजज्येष्ठ मास में पंखा आदि का दान करना विशेष उत्तम माना गया है. इस मास में लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए आप जो भी चीज दान कर सकते हैं, करें. इस मास में दान की गई चीजों का पुण्य फल पूरे साल मिलता है और कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों का शुभ फल भी मिलता है.

इन चीजों का भी कर सकते हैं दानज्येष्ठ मास में सूती वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें, गमछा, मटकी, सुराही, कलश, छाता, सौंफ व मिश्री, नींबू पानी, पुदीना पानी, चांदी का सामान, सत्तू, छाता आदि का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. गर्मी के मौसम में दान से न केवल पर्यावरण में शांति आती है, बल्कि यह हमें पुण्य और मानसिक संतोष भी प्रदान करता है.



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