Kainchi Dham Neem Karoli Baba ashram । नीम करोली बाबा आश्रम कैंची धाम



Neem Karoli Baba: उत्तराखंड की वादियों में बसा नीम करोली बाबा का आश्रम कैंची धाम एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां भक्तों को आत्मिक शांति और चमत्कारी अनुभव प्राप्त होते हैं. नीम करोली बाबा हनुमानजी के परम भक्त थे, लेकिन उनके भक्त उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं. उत्तराखंड के कैंची धाम में बाबा नीम करौली ने अपने जीवन के कई साल बिताए. दुनियाभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जिनका ध्यान न रखने पर बाबा की कृपा मिलने में बाधा आ सकती है. अगर आप कैंची धाम जाने का मन बना रहे हैं या निकट भविष्य में दर्शन की योजना है, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आएगी.

बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना न भूलेंजब भी किसी पवित्र स्थान की यात्रा करें, तो घर से निकलने से पहले अपने माता-पिता और बुजुर्गों का आशीर्वाद अवश्य लें. यह पहला और सबसे आवश्यक कदम होता है, जो यात्रा को सफल और मंगलमय बनाता है. आशीर्वाद के बिना शुरू की गई यात्रा अधूरी मानी जाती है.

मांस और शराब का सेवन न करेंकैंची धाम के दर्शन से पहले और बाद में मांस, मछली, अंडा या शराब जैसी चीजों का सेवन न करें. चाहे आप किसी पहाड़ी क्षेत्र में ही क्यों न हों, जहां यह सामान्य हो, लेकिन तीर्थस्थल की पवित्रता बनाए रखना हर भक्त का धर्म होता है.

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अपने व्यवहार का रखें ध्यानयात्रा के दौरान अगर आप किसी गरीब, बीमार या विकलांग व्यक्ति से दुर्व्यवहार करते हैं या उसे अनदेखा करते हैं, तो इसका सीधा असर आपके पुण्य पर पड़ता है. ध्यान रखें, हर जीव में भगवान का वास होता है. किसी को दुख पहुंचाना, भगवान को दुख देने के समान माना जाता है.

मंदिर परिसर में रखें मन शांतजब आप बाबा नीम करोली के दर्शन के लिए पहुंचें, तो वहां शांति से बैठें या धीरे-धीरे चलें. मोबाइल का उपयोग, ऊंची आवाज़ में बात करना या फोटो खींचने में समय व्यर्थ न करें. वहां पर हनुमान चालीसा या बजरंग बाण जैसे पाठ करने से मन को शांति मिलती है और बाबा की कृपा जल्दी बरसती है.

यात्रा से लौटने के बाद ये कार्य अवश्य करेंधाम से लौटने के बाद किसी ब्राह्मण, साधु या गरीब बच्चों को भोजन अवश्य कराएं. यह एक प्रकार की धन्यवाद-प्रार्थना होती है, जो बाबा तक आपकी भावना पहुंचाती है.

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कैंची धाम क्यों है विशेष?कैंची धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि अध्यात्म और श्रद्धा का केंद्र है. यहां हर वर्ष हजारों लोग केवल इसलिए आते हैं, ताकि उन्हें मानसिक शांति और जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिल सके. ऐसा कहा जाता है कि बाबा नीम करोली किसी भी सच्चे भक्त की पुकार तुरंत सुनते हैं. अनेक श्रद्धालु बताते हैं कि यहां आने के बाद उनकी परेशानियां खुद-ब-खुद दूर हो गईं.



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