kedarnath bheeshma shringar and akhand jyoti | 6 माह बाद खुला केदारनाथ धाम, भक्तों ने देखी अखंड ज्योति और भीष्म श्रृंगार, जो चमत्कार से कम नहीं



Last Updated:May 02, 2025, 09:43 ISTKedarnath Bheeshma Shringar: केदारनाथ मंदिर के पट खुलने का भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है. मंदिर में अखंड ज्योत जलती है, जिसे शिव का प्रतिबिंब माना जाता है. मंदिर के पट बंद होने से पहले बाबा का भीष्म श्रृं…और पढ़ेंकेदारनाथ मंदिर में पट खुलने पर भीष्म श्रृंगार हटाने की प्रक्रियाहाइलाइट्सकेदारनाथ मंदिर के पट 6 माह बाद खुले.मंदिर में अखंड ज्योति शिव का प्रतिबिंब मानी जाती है.भीष्म श्रृंगार में 5 घंटे लगते हैं.Kedarnath Bheeshma Shringar: केदारनाथ मंदिर के पट खुलने का इंतजार भक्तों को बहुत ही उत्सुकता से रहता है. इस मंदिर में दर्शन करने का हर व्यक्ति का सपना होता है. भक्त केदारनाथ धाम को स्वर्ग के समान मानते हैं. मंदिर में एक अखंड ज्योत जलती है, जिसे शिव का प्रतिबिंब माना जाता है. महादेव को भीष्म श्रृंगार भी किया जाता है. आइये विस्तार से इस बारे में जानते हैं.

केदारनाथ का भीष्म श्रृंगार : केदारनाथ मंदिर बंद करने से पहले बाबा का भीष्म श्रृंगार किया जाता है. इस श्रृंगार में बाबा को अगले 6 माह के लिए सभी आवश्यक चीजों से सुसज्जित किया जाता है. शिवलिंग पर दूध, दही, पंचामृत, शहद के अभिषेक के बाद शुद्ध जल से साफ किया जाता है. उसके बाद शुद्ध घी से उसका लेपन करते हैं. इसके बाद शिवलिंग को 1 से लेकर 12 मुखी रुद्राक्ष की बनी हुई माला चढ़ाई जाती है. सभी मौसमी फल, मेवा आदि रखकर शिवलिंग को एक सफेद कपड़े से ढक दिया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में महादेव का श्रृंगार करते समय 5 घंटे से भी अधिक का समय लगता है.

Gangotri Dham: भक्तों का इंतजार खत्म, चारधाम यात्रा शुरू, माता गंगोत्री को लगाएं ये भोग ! कष्टों से मिलेगी मुक्ति

पट खुलने पर हटाते हैं श्रृंगार : 6 माह की अंतराल के पश्चात जब बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ के पट खोले जाते हैं. केदारनाथ मंदिर में सर्वप्रथम कर्नाटक के वीर सब लिंगायत समुदाय के मुख्य रावल भीमाशंकर चार अन्य व्यक्तियों की साथ मंदिर में प्रवेश करते हैं. फिर इस श्रृंगार को हटाया जाता है. इस श्रृंगार को हटाते समय बाबा को अर्पित की गई सभी आवश्यक चीज एक-एक करके हटाई जाती है. इसके बाद बाबा से रुद्राक्ष की माला को निकाला जाता है. इसके बाद बाबा से उस सफेद कपड़े को हटाते हैं. इस श्रृंगार को हटाते समय मात्र 25 से 30 मिनट का समय लगता है.

Chardham Yatra: चार धाम यात्रा का पहला धाम है यमुनोत्री, जानें यात्रा से पहले की तैयारी, मां यमुना के भोग

बाबा का पुनः श्रृंगार : 6 माह तक बंद रहने की पश्चात बाबा के ऊपर चढ़ी हुई सभी चीज हटाकर पुनः शिवलिंग का गंगा स्नान, दूध, दही, शहद, पंचामृत से स्नान करने के पश्चात फूल और भस्म का लेप करके उन्हें तैयार किया जाता है.

केदारनाथ में अखंड ज्योति : नवंबर माह में जब केदारनाथ धाम मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं, तब मंदिर में एक अखंड ज्योति जलाई जाती है. लगभग 6 माह बाद जब मंदिर के पट खुले जाते हैं तो यह अखंड ज्योति भक्तों को जलती हुई मिलती है. इस ज्योति को भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है. लगभग 6 माह तक अपने आप जलने वाली है ज्योति, किसी चमत्कार से कम नहीं है.
homedharmखुला केदारनाथ धाम, भक्तों ने देखी अखंड ज्योति, भीष्म श्रृंगार, जो है चमत्कार!



Source link

Leave a Comment