Last Updated:May 05, 2025, 09:21 ISTMandeep Khol Cave: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में स्थित एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानी जाने वाली मंडीप खोल गुफा है. इस बार सोमवार, यानी 5 मई को आज गुफा खोली जाएगी. कलेक्टर ने गुफा का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा …और पढ़ेंX
मंडीप खोल गुफाखैरागढ़ः छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में मंडीप खोल गुफा है. इस गुफा में महादेव का मंदिर है, जहां साल में सिर्फ एक दिन पूजा होती है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया के अगले सोमवार को इस मंदिर को खोला जाता है. पट खुलने के बाद स्थानीय जमींदार सबसे पहली पूजा करते हैं. ऐसा माना जाता है कि यह एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानी जाने वाली मंडीप खोल गुफा है.
नवगठित जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने छुईखदान विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला के घने जंगलों में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक मंडीप खोल गुफा का निरीक्षण किया. अक्षय तृतीया के बाद पहले सोमवार को गुफा दर्शकों के लिए खुलने से पहले, कलेक्टर ने व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु यह दौरा किया. इस बार सोमवार, यानी 5 मई को आज गुफा खोली जाएगी. कलेक्टर ने गुफा का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को साफ-सफाई, सुरक्षा, मार्ग व्यवस्था, और पर्यटकों की सुविधाओं हेतु दिशा-निर्देश दिए.
चेतावनी बोर्ड और गेट लगाने के निर्देशजनपद पंचायत छुईखदान के सीईओ रवि को मार्ग की साफ-सफाई और अन्य तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अविनाश ठाकुर को गुफा के प्रवेश द्वार पर चेतावनी बोर्ड और गेट लगाने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालु सावधानीपूर्वक प्रवेश कर सकें. स्वास्थ्य विभाग को मेला स्थल पर कैंप लगाने के निर्देश दिए गए ताकि श्रद्धालुओं को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. साथ ही स्थानीय युवाओं को गुफा दिखाने के लिए गाइड के रूप में रखने पर जोर दिया गया.
क्रमबद्ध तरीके से दर्शन कर सकेंश्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए, पुलिस विभाग को भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी सौंपी गई. वन विभाग को गुफा के भीतर बैरिकेडिंग के लिए बांस और बल्लियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए ताकि श्रद्धालु क्रमबद्ध तरीके से दर्शन कर सकें. निरीक्षण के दौरान उपस्थित ठाकुरटोला के जमींदार और पुजारी ने मंडीप खोल गुफा के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गुफा देखने के लिए 16 बार एक ही नदी को पार करना होता है. यह गुफा रियासतकालीन परंपराओं से जुड़ी है और हर वर्ष अक्षय तृतीया के बाद पहले सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए खोली जाती है.
‘चमगादड़ गुफा’ में हजारों चमगादड़यहां पहले पूजा-अर्चना ठाकुरटोला के जमींदार परिवार द्वारा की जाती है. गुफा के समीप सेतगंगा कुंड स्थित है, जिसे गंगा के समान पवित्र माना जाता है. स्थानीय मान्यता है कि इस जल में कभी विकृति नहीं आती और इसका जल सदा शुद्ध रहता है. समीप स्थित ‘चमगादड़ गुफा’ में हजारों चमगादड़ निवास करते हैं और दिन में भी यहां अंधकार बना रहता है. कलेक्टर ने कहा कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है.
homechhattisgarhखुली गई रहस्यमयी मंडीप खोल गुफा, दुर्गम रास्ते को पार कर पहुंचेंगे सैलानी
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