मई की मासिक शिवरात्रि ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को है. हर माह में एक बार शिवरात्रि आती है, जो कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है. शिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं और महादेव की पूजा विधिपूर्वक करते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव के अनुसार, इस बार की मासिक शिवरात्रि पर पूजा के लिए 41 मिनट का शुभ मुहूर्त बन रहा है. मई शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जिसमें आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी. जानते हैं कि मई की मासिक शिवरात्रि कब है? मासिक शिवरात्रि का मुहूर्त, जलाभिषेक समय क्या है?
मई मासिक शिवरात्रि 2025 तारीख
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 25 मई रविवार को दोपहर 3 बजकर 51 मिनट पर ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ होगा. यह तिथि 26 मई सोमवार को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के आधार पर चतुर्दशी तिथि तो 26 मई की है, लेकिन शिव पूजा मुहूर्त के आधार पर देखा जाए तो मई मासिक शिवरात्रि 25 मई रविवार को है. उस दिन व्रत और शिव पूजन किया जाएगा.
3 शुभ योग में मई मासिक शिवरात्रि 2025इस साल मई मासिक शिवरात्रि पर 3 शुभ योग बन रहे हैं. उस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, सौभाग्य योग और शोभन योग बनेंगे. मासिक शिवरात्रि पर सौभाग्य योग प्रात:काल से लेकर दिन में 11 बजकर 07 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से शोभन योग है, जो रात तक रहेगा. वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 05 बजकर 26 मिनट से दिन में 11 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. उस दिन अश्विनी नक्षत्र 11:12 ए एम तक है, उसके बा से भरणी नक्षत्र है.
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मई मासिक शिवरात्रि 2025 मुहूर्त
25 मई को मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए रात में 41 मिनट का मुहूर्त है. मासिक शिवरात्रि की निशिता पूजा का मुहूर्त रात 11 बजकर 58 मिनट से देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. जिन लोगों को निशिता मुहूर्त में पूजा नहीं करनी है, वे सुबह में कभी भी कर सकते हैं.
मासिक शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:04 ए एम से 04:45 ए एम तक है. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त 11:51 ए एम से दोपहर 12:46 पी एम तक है. विजय मुहूर्त दोपहर 02:36 पी एम से 03:31 पी एम तक है.
मासिक शिवरात्रि पर स्वर्ग की भद्रामासिक शिवरात्रि के दिन भद्रा लग रही है. भद्रा दोपहर 3 बजकर 51 मिनट से शुरू होगी और ये देर रात 2 बजकर 1 मिनट तक रहेगी. इस भद्रा का वास स्वर्ग लोक में है, जिसकी वजह से आप शुभ कार्य कर सकते हैं. धरती की भद्रा में मांगलिक कार्यों को करने की मनाही है.
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मासिक शिवरात्रि 2025 राहुकालमई की मासिक शिवरात्रि के दिन राहुकाल शाम को 05 बजकर 28 मिनट से शुरू हो रहा है, जो शाम को 07 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. राहुकाल में कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा कराते हैं. इस समय में राहु और केतु की शांति के लिए उपाय कर सकते हैं.
मासिक शिवरात्रि का महत्वमासिक शिवरात्रि के दिन व्रत और पूजन करने से शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. शिव कृपा से व्यक्ति के रोग, दोष, संताप आदि मिटते हैं. जिस पर महादेव की कृपा हो जाती है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. धन, सुख, समृद्धि में भी बढ़ोत्तरी होती है. मासिक शिवरात्रि पर आप शिव मंत्रों का जाप करके सिद्ध कर सकते हैं. इस दिन रुद्राभिषेक करा सकते हैं.