मई की पहली एकादशी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को है. इस एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जानते हैं. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा विधि विधान से करते हैं. पूजा के समय मोहिनी एकादशी की व्रत कथा सुनते हैं और व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करते हैं. जो भी व्यक्ति मोहिनी एकादशी का व्रत रखता है, उसे 1000 गायों के दान के समान पुण्य लाभ होता है. धन, धान्य, सुख और समृद्धि मिलने से वह खुशहाल रहता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि मोहिनी एकादशी कब है? मोहिनी एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
मई की पहली एकादशी 2025 तारीख मोहिनी एकादशीदृक पंचांग के अनुसार, इस बार मोहिनी एकादशी के लिए जरूरी वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि 7 मई गुरुवार को सुबह 10 बजकर 19 मिनट से प्रारंभ होने वाली है. यह एकादशी तिथि अगले दिन 8 मई शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहने वाली है. ऐसे में उदयातिथि के आधार, मई की पहली एकादशी यानि मोहिनी एकादशी 8 मई को है. उस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाएगी.
मोहिनी एकादशी 2025 मुहूर्तमोहिनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए. उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:10 ए एम से 04:53 ए एम तक है. सूर्योदय 05:35 ए एम पर होगा. उसके बाद भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें. मोहिनी एकादशी का शुभ समय यानि अभिजित मुहूर्त 11:51 ए एम से दोपहर 12:45 पी एम तक है.
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इस साल मोहिनी एकादशी पर हर्षण और वज्र योग बनेंगे. हर्षण योग सुबह से लेकर देर रात 01:57 ए एम तक रहेगा. उसके बाद से वज्र योग बनेगा. हर्षण योग में पूजा और वज्र योग में पारण होगा. एकादशी पर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सुबह से रात 09:06 पी एम तक है, उसके बाद से हस्त नक्षत्र है.
मोहिनी एकादशी पर पाताल की भद्राइस बार मोहिनी एकादशी के दिन भद्रा लग रही है, जिसका वास स्थान पाताल लोक है. भद्रा का प्रारंभ सुबह 05:35 ए एम से होगा और समापन दोपहर में 12:29 पी एम पर होगा. हालांकि यह भद्रा पाताल की है, इसका दुष्प्रभाव पृथ्वी पर नहीं होगा. ऐसे में आप शुभ कार्य कर सकते हैं. मांगलिक कार्यों पर कोई रोक नहीं होगी.
मोहिनी एकादशी 2025 पारण समयजो लोग 8 मई को मोहिनी एकादशी का व्रत रखेंगे, वे व्रत का पारण 9 मई शनिवार को सुबह 05 बजकर 34 मिनट से सुबह 08 बजकर 16 मिनट के बीच कर सकेंगे. पारण वाले दिन द्वादशी तिथि का समापन दोपहर में 02 बजकर 56 मिनट पर होगा.
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मोहिनी एकादशी व्रत के फायदे1. मोहिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं.
2. उस व्यक्ति पर भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, उनकी कृपा से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.
3. यदि आप केवल मोहिनी एकादशी का व्रत रखते हैं तो आपको पूरे वैशाख महीने में दान करने के समान पुण्य लाभ प्राप्त होता है.
4. जो व्यक्ति मोहिनी एकादशी व्रत की कथा सुनता है, वह 1 हजार गायों को दान करने के बराबर पुण्य लाभ अर्जित कर लेता है.