Nautapa 2025 Date And Time : गर्मियों के दिनों में एक समय ऐसा आता है जब सूरज अपनी पूरी ताकत के साथ धरती पर चमकता है. इस दौर को ही नौतपा कहा जाता है. नाम से ही समझ में आता है कि ये नौ दिन तपिश से भरे होते हैं. जब सूरज रोहिणी नक्षत्र में आता है, तब धरती का तापमान अचानक बढ़ जाता है. ये समय सिर्फ गर्मी का नहीं, बल्कि आस्था और सावधानी का भी होता है. आइए जानें भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से इस साल नौतपा कब शुरू हो रहा है, इसका असर क्या होगा और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
इस बार कब से शुरु होगा नौतपा?इस साल नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है. उस दिन सुबह 3:15 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा. इसके बाद पूरे नौ दिन तक यानी 2 जून तक सूरज की तपिश चरम पर रहेगी. हालांकि, सूर्य 8 जून तक रोहिणी नक्षत्र में ही रहेगा लेकिन शुरुआती नौ दिन सबसे ज्यादा असर डालते हैं. 8 जून के बाद सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में चला जाएगा और फिर 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेगा.
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ये 9 दिन हमको क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए?
1.सूरज को जल अर्पित करें – नौतपा के दौरान हर सुबह सूरज को जल चढ़ाना अच्छा माना जाता है. इससे न सिर्फ मन को शांति मिलती है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है.
2.धार्मिक पाठ करें – इन दिनों ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करने से मानसिक शक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है.
3.बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें – तपती दोपहर में बाहर निकलना सेहत पर असर डाल सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये समय जोखिम भरा हो सकता है.
4.दान करें – इस समय कोई ज़रूरतमंद आपके दरवाज़े पर कुछ मांगने आए तो खाली हाथ न लौटाएं. पानी, फल या छाछ जैसे चीज़ों का दान इस समय विशेष फल देता है.
5.मांगलिक कार्यों से बचें – शादी या गृह प्रवेश जैसे बड़े काम इस दौरान टालने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस समय ऊर्जा असंतुलित होती है.
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इन कारण से खास होता है नौतपा?भारतीय पंचांग के अनुसार, नौतपा सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं है, ये एक ऐसा समय है जब इंसान को प्रकृति से जुड़ने और आत्मचिंतन करने का अवसर मिलता है. तपती गर्मी के बीच, ये समय सिखाता है कि धैर्य, अनुशासन और संयम के साथ कैसे जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है.