Last Updated:May 07, 2025, 14:21 ISTOperation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक करते हुए भारतीय महिलाओं के सिंदूर का बदला ले लिया है. सिंदूर भारतीय महिलाओं के सुहाग का प्रतीक माना जाता है और इसका संबंध देवी श…और पढ़ेंसिंदूर क्यों है भारतीय महिलाओं के लिए महत्वपूर्णहाइलाइट्सभारतीय सेना ने Operation Sindoor के तहत आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक की.सिंदूर भारतीय संस्कृति में सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है.सिंदूर लगाने की परंपरा 1500 से 500 ईसा पूर्व से चली आ रही है.Sindoor in Astrology: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई माताओं और बहनों के सिंदूर उजड़ गया और अब भारत ने पाकिस्तान के आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक करके उन महिलाओं के सिंदूर का बदला लिया. भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकी कैंप पर किए गए इस एक्शन का नाम Operation Sindoor रखा गया. भारतीय संस्कृति में सिंदूर केवल सुहाग का नहीं बल्कि शक्ति का प्रतीक है, सौभाग्य का प्रतीक है… मंगल का प्रतीक है…, सिंदूर को देवी शक्ति का स्वरूप भी माना गया है, जो दुष्टों का संहार करती है. सिंदूर इतना शक्तिशाली है कि इसे खुद भगवान शिव के रौद्र रूप हनुमानजी धारण करते हैं. इसी सिंदूर को पाकिस्तानियों ने कमजोर समझा और पहलगाम में कायराना हरकत की. अब इसी सिंदूर ने एयर स्ट्राइक करके इसकी महत्ता को समझाया है और इसकी शक्ति को समझाया है.
कब से शुरू हुई सिंदूर लगाने की परंपरा?विवाहित महिलाएं हर रोज अपने पति के नाम का मांग में सिंदूर लगाती हैं. मान्यता है कि मांग में सिंदूर भरने से वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहता है और जीवन में सुख और सौभाग्य लाता है. साथ ही पति और पत्नी के बीच रिश्ता मजबूत भी रखता है. प्राचीन काल से ही भारतीय महिलाएं अपने पति के नाम का सिंदूर मांग में भरती हैं. साथ ही सिंदूर को माथे की बिंदी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर भारतीय महिलाओं में सिंदूर लगाने की परंपरा कब से शुरू हुई. हालांकि इसका कोई सटीक साक्ष्य नहीं मिला है लेकिन बताया जाता है कि 1500 से 500 ईसा पूर्व से पहले यह प्रथा चली आ रही है. हड़प्पा सभ्यता में लाल गेरू और कॉस्मेटिक से जुड़े कुछ आइटम जरूर मिले थे, जो बताते हैं कि सिंदूर कब से लगाया जा रहा है.
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इसलिए हनुमानजी को अर्पित किया जाता है सिंदूरप्राचीन शास्त्रों में सिंदूर लगाने की परंपरा माता पार्वती और देवी सीता से जुड़ा हुआ मिलता है. माता सीता हर दिन अपने श्रृंगार में सिंदूर का प्रयोग करती थीं और इस पर एक कथा भी मिलती है. कथा के अनुसार, एक दिन माता सीता जब सिंदूर लगा रही थीं, तब हनुमानजी ने उनको ऐसा करते हुए देख लिया. हनुमानजी ने माता सीता से पूछा आप सिंदूर क्यों लगाती हैं. तब माता सीता ने कहा कि मेरे प्रभु श्रीराम की लंबी आयु के लिए मांग में सिंदूर भरती हूं. तब हनुमानजी ने कहा कि अच्छा ऐसी बात है तो उन्होंने माता सीता से सिंदूर लेकर अपने पूरे शरीर पर लगा लिया. तब से ही हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है. हनुमानजी को सिंदूर अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और हनुमानजी भी प्रसन्न होते हैं.
अखंड सौभाग्य से है सिंदूर का संबंधमाता सीता की तरह माता पार्वती भी अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं. माता पार्वती दुर्गा का स्वरूप हैं और उनकी हर पूजा में सिंदूर का प्रयोग किया जाता है. भगवान शिव तो अविनाशी हैं, अर्थात अमर, अक्षय, जिसका विनाश नहीं हो सकता हैं. साथ ही माता पार्वती को अखंड सौभाग्य का वरदान भी प्राप्त है. माता पार्वती ने महिलाओं को वरदान दिया है कि जो भी विवाहित महिला अपनी मांग में सिदूर लगाएंगी, उसका सुहाग हमेशा अखंड सौभाग्य रहेगा. इसके बाद से ही विवाहित महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं. साथ ही माता पार्वती हमेशा महिला के सुहाग की रक्षा करती हैं और घर-परिवार को सभी संकटों से दूर भी रखती हैं. आपने देखा होगा कि सुहागिन महिलाओं को हमेशा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद भी दिया जाता है. जिसका अर्थ है कि मैरिड लाइफ हमेशा खुशहाल और सौभाग्यशाली रहे.
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शक्ति का प्रतीक है सिंदूरसिंदूर का संबंध माता लक्ष्मी से भी माना जाता है. इसलिए माता लक्ष्मी की पूजा में सिंदूर का प्रयोग किया जाता है. यह भी कहा जाता है कि महिलाएं जहां सिंदूर लगाती हैं, उस स्थान पर माता लक्ष्मी निवास करती हैं. इसी वजह से महिलाओं को शक्ति का रूप माना जाता है. पूजा में सिंदूर का इस्तेमाल करने से सुख-शांति और समृद्धि आती है. भारत में दो तरह के सिंदूर प्रचलित हैं, पहला नारंगी सिंदूर और दूसरा लाल सिंदूर. नारंगी सिंदूर का प्रयोग पूर्ववर्ती इलाकों में जैसे बिहार, झारखंड और बिहार से सटे यूपी के कुछ इलाकों में. वहीं लाल सिंदूर का प्रयोग पूरे भारत में किया जाता है.
homedharmसिंदूर क्यों है भारतीय महिलाओं के लिए खास? कैसे बना अखंड सौभाग्य का प्रतीक
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