Last Updated:May 22, 2025, 12:31 ISTPM Modi Karni Mata Visit: पीएम मोदी करणी माता मंदिर के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिससे यह यात्रा और खास हो गई है. राजस्थान के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर चूहों की पूजा के लिए प्रसिद्ध है…और पढ़ेंपीएम मोदी करणी माता मंदिर के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनेंगे.हाइलाइट्सपीएम मोदी करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे.मोदी करणी माता मंदिर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे.करणी माता मंदिर चूहों की पूजा के लिए प्रसिद्ध है.PM Modi Karni Mata Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक स्थित प्रसिद्ध करणी माता मंदिर के दर्शन किए. राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक गांव में ये एक बेहद अनोखा मंदिर है. यहां लोग जितनी श्रद्धा करणी माता के लिए रखते हैं, उतनी ही आस्था यहां रहने वाले हज़ारों चूहों के लिए भी रखते हैं. पीएम मोदी इस मंदिर के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं. यह दौरा खास इसलिए भी है क्योंकि भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था. ये पाकिस्तान में 7 मई को हुए आतंकी ठिकानों पर भारत के जवाबी हमले के बाद पीएम मोदी का राजस्थान का पहला दौरा है.
माता करणी कौन थीं?धार्मिक मान्यता के अनुसार, करणी माता को देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है. वह एक प्रतिष्ठित महिला संत थीं जिन्होंने 14वीं शताब्दी में इस क्षेत्र में अपना जीवन बिताया. वे अपनी दिव्य शक्तियों और चमत्कारिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध थीं.कहा जाता है कि उन्होंने कई साल तक तपस्या और सेवा का जीवन जिया. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि करणी माता के वंशज ही मृत्यु के बाद चूहे के रूप में पुनर्जन्म लेते हैं और मंदिर में निवास करते हैं. उनके निधन के बाद लोगों ने उनकी मूर्ति स्थापित की और वहां मंदिर बना दिया, जो आज देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा तीर्थ स्थल बन चुका है.
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चूहे क्यों पूजे जाते हैं?यह मंदिर दुनिया में अपनी तरह का अनोखा है क्योंकि यहां हजारों की संख्या में चूहे रहते हैं और लोग इन्हें प्रसाद खिलाते हैं, पूजा करते हैं. मान्यता है कि ये चूहे करणी माता के सौतेले बेटे और उनके वंशजों का पुनर्जन्म हैं. इन्हें “काबा” कहा जाता है और इन्हें नुकसान पहुंचाना सख्त मना है. मंदिर में अगर कोई सफेद चूहा दिख जाए तो उसे बहुत शुभ माना जाता है और कहा जाता है कि ऐसा देखने वाले को माता का विशेष आशीर्वाद मिलता है.
बीमारों को चूहों के स्पर्श वाला पानी पिलाया जाता हैमंदिर समिति के उपाध्यक्ष सीतादान वरथ बताते हैं कि ये चूहे कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते. यहां तक कि अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे वो पानी पिलाया जाता है जो चूहों ने छुआ हो. उनका मानना है कि ये चूहे सामान्य नहीं हैं, बल्कि देवी का आशीर्वाद हैं. मंदिर में चूहों की संख्या हज़ारों में है, लेकिन कोई तय आंकड़ा नहीं है.
चूहों का जूठा प्रसादइस मंदिर में देवी को अर्पित किए गए भोजन को पहले चूहों को खिलाया जाता है और फिर उसी जूठे प्रसाद को भक्तों में वितरित किया जाता है. भक्त इस प्रसाद को बड़े ही श्रद्धा भाव से ग्रहण करते हैं और इसे देवी का आशीर्वाद मानते हैं.
पीएम मोदी की ऐतिहासिक यात्राप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इस मंदिर में दर्शन किए. इससे पहले आज तक कोई भी प्रधानमंत्री इस मंदिर में नहीं गए थे. मंदिर समिति के लोग इसे देशनोक के लिए गर्व का पल मान रहे हैं. बीकानेर शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर इस मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष तैयारी की गई है.
homedharmकरणी माता मंदिर में पीएम मोदी ने किए दर्शन, जानें इसकी खासियत
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