Last Updated:May 05, 2025, 17:37 ISTछत्तीसगढ़ के कोरबा में तेंदूपत्ता तोड़ने का मौसम आ गया है. ग्रामीण विशेष पेड़ की छाल से रस्सी बनाकर तेंदूपत्ता सुरक्षित रखते हैं. इसकी कीमत प्रति बोरी 5500 रु. तय है.X
Image हाइलाइट्सतेंदूपत्ता तोड़ने का मौसम छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ.ग्रामीण विशेष पेड़ की छाल से रस्सी बनाकर तेंदूपत्ता सुरक्षित रखते हैं.प्रति बोरी तेंदूपत्ता की कीमत 5500 रु. तय की गई है.कोरबा. छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों के लिए हरा सोना कहे जाने वाला तेंदूपत्ता तोड़ने का मौसम आ गया है. तेंदूपत्ता को बांध कर रखने के लिए ग्रामीण जंगल जा कर एक विशेष पेड़ से छाल निकाल कर लाते हैं. इसकी रस्सी बना कर उपयोग करते हैं. ग्रामीण कहते हैं कि इस रस्सी में दीमक नहीं लगती और तेंदूपत्ता सुरक्षित रहता है.
वैशाख के महीने में जब तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, तब तेंदूपत्ता की हरियाली जंगल की सुंदरता बढ़ा रही है. जंगल में तेंदू के पत्ते निकलने लगे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में हरा सोने के नाम से मशहूर तेंदूपत्ता के संग्रहण के लिए ग्रामीणों ने तैयारी पूरी कर ली है. कोरबा जिले का करीब 60 फीसदी हिस्सा वनों से आच्छादित है. कटघोरा और कोरबा दोनों ही वन मंडल में वन्यजीवों और औषधीय गुण वाले पेड़ पौधों की भरमार है.
इस तरह सुरक्षित रहता है हरा सोनावनांचल क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों द्वारा महुआ चार चिरौंजी सहित कई प्रकार के वनोपज का संग्रहण किया जाता है, जिसकी मांग राज्य के अलावा विभिन्न प्रांतों में भी होती है. उनके लिए आय का प्रमुख स्त्रोत तेंदूपत्ता संग्रहण है. ग्रामीण महज कुछ ही दिनों के भीतर अच्छी खासी आमदनी कमा लेते हैं. तेंदूपत्ता को सहेज कर रखने विशेष प्रकार की रस्सी बना रहे ग्रामीण बलराम रठिया ने बातया कि पत्ते की तोड़ाई शुरू होने के पहले वे लोग जंगलों में जाते हैं और अटायन के वृक्ष की छाल निकाल कर लाते है. इस छाल की रस्सी बना कर तेंदूपत्ता को बांध कर रखते हैं. इस रस्सी की खास बात यह होती है कि इसमें दीमक नहीं लगती और हरा सोना यानी की तेंदूपत्ता सुरक्षित रहता है.
संग्रहण से जुड़े हैं 99 हजार 300 परिवारजिले के दोनों वन मंडल में तेंदूपत्ता का संग्रहण बड़े पैमाने पर किया जाता है. दोनों ही वन मंडल में लगभग 99 हजार 300 परिवार पत्ते के संग्रहण से जुड़े हुए हैं. इसमें कोरबा वन मंडल में 34 हजार 500 और कटघोरा बन में 64 हजार 800 संग्रहक परिवार शामिल हैं.
प्रति मानक बोरी 5500 रुपए का भुगतानप्रशासन ने इस बार भी तेंदूपत्ता की कीमत 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा तय की है. बीते साल की तुलना में भले ही शासन ने पत्तों की कीमत में वृद्धि नहीं की है, लेकिन इस बार संग्राहक परिवार के महिलाओं को चरण पादुका देने का निर्णय लिया है.
Location :Korba,Korba,Chhattisgarhhomeagricultureहरा सोना तैयार…किसान होंगे मालामाल! इस पेड़ की छाल में रखते हैं तेंदूपत्ता
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