Last Updated:May 19, 2025, 21:14 ISTRajnandgaon News: राजनांदगांव में तेंदूपत्ता तुड़ाई शुरू हो चुकी है, 80,800 मानक बोरा का लक्ष्य है और 51,000 श्रमिक लगे हैं. तेंदूपत्ता की गुणवत्ता उच्च है और इसकी मांग आंध्रप्रदेश व पश्चिम बंगाल में अधिक है.X
तेंदूपत्ता तोड़ाई शुरू हुई.हाइलाइट्सराजनांदगांव में तेंदूपत्ता तोड़ाई शुरू हो चुकी है.80,800 मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है.51,000 श्रमिक तेंदूपत्ता तोड़ाई में लगे हैं.राजनांदगांव: जिले में तेंदूपत्ता की तुड़ाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस साल 80,800 मानक बोरा तेंदूपत्ता तोड़ाई का लक्ष्य रखा गया है और इसमें 51,000 श्रमिक लगे हुए हैं. बेमौसम बारिश के बावजूद तेंदूपत्ता की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा है. जिले के तेंदूपत्ता की क्वालिटी उच्च स्तर की है और इसकी मांग आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल में अधिक है. इन राज्यों के ठेकेदार हर साल नीलामी में भाग लेते हैं और तेंदूपत्ता की तोड़ाई के बाद अपने राज्यों में ऊंची कीमत पर बिक्री करते हैं, जिससे वन विभाग को भी अच्छी कमाई होती है.
तेंदूपत्ता के संग्रहण में लगे ग्रामीणों को इस सीजन का बेसब्री से इंतजार होता है. राजनांदगांव जिले के साथ-साथ नवगठित जिला मोहला-मानपुर और खैरागढ़ के वन परिक्षेत्रों में भी तेंदूपत्ता की तोड़ाई शुरू हो गई है. जिले के बागनदी परिक्षेत्र की 6 समितियों में 5 मई से तोड़ाई शुरू हो चुकी है और अन्य 44 समितियों में भी तोड़ाई शुरू हो गई है. तोड़ाई के लिए कुल 50 समितियां बनाई गई हैं.
राजनांदगांव के बागनदी, छुरिया, आसरा, जोब, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़ के साल्हेवारा और बकरकट्टा क्षेत्र के तेंदूपत्ता की क्वालिटी उच्च स्तर की है. तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वालों के लिए इस साल मेहनताना की राशि बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति हजार मानक बोरा कर दी गई है. तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए 639 फड़ तैयार किए गए हैं.
तेंदूपत्ता तोड़ाई के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्र मोहला-मानपुर में नक्सलियों की सक्रियता बढ़ जाती है. ये ठेकेदारों से उगाही करते हैं और रकम नहीं देने पर आगजनी की घटना को अंजाम देते हैं, इसलिए वन विभाग ने तोड़ाई से पहले पुलिस से संपर्क कर सुरक्षा देने की मांग की थी. पुलिस द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण के संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बल की तैनाती की गई है. सुरक्षा बल के जवान इन क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
डीएफओ आयुष जैन ने बताया कि जिला यूनियन राजनांदगांव में तेंदूपत्ता की खरीदी शुरू हो चुकी है. यहां पर कुल 80,800 मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है. नीलामी में छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के ठेकेदार भी हिस्सा ले रहे हैं. तेंदूपत्ता तोड़ाई में लगभग 51,000 श्रमिक लगे हुए हैं. तेंदूपत्ता तोड़ाई का सीजन शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में लोग तेंदूपत्ता की तोड़ाई के काम में जुट जाते हैं, जिससे उन्हें अच्छी खासी आय होती है. वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा इसको देखते हुए उचित व्यवस्था की जा रही है. राजनांदगांव के तेंदूपत्ता की डिमांड प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी है, इसलिए तेंदूपत्ता तोड़ाई का काम तेजी से किया जा रहा है.
Dallu SlathiaSeasoned journalist Dallu Slathia brings over 5 years of expertise in digital media, leading coverage across 4 states for Local18- MP, Jharkhand, Himachal Pradesh and Haryana. Her experience in digital journali…और पढ़ेंSeasoned journalist Dallu Slathia brings over 5 years of expertise in digital media, leading coverage across 4 states for Local18- MP, Jharkhand, Himachal Pradesh and Haryana. Her experience in digital journali… और पढ़ेंभारत पाकिस्तान की ताज़ा खबरें News18 India पर देखेंLocation :Rajnandgaon,Chhattisgarhhomechhattisgarhराजनांदगांव में तेंदूपत्ता तोड़ाई का सीजन शुरू, 51,000 श्रमिक लगे
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