Santan Dosh Upay kuladevata ke shrap se kya hota hai 5 astro remedies to get baby : कुल देवता होते हैं नाराज, तो बेटे या बेटी का मुंह नहीं देख पाता इंसान, जानें संतान प्राप्ति के उपाय



यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में संतान दोष है तो काफी प्रयासों के बाद भी वह बेटे या बेटीका मुंह नहीं देख पाता है. उसे संतान का सुख प्राप्त नहीं होता है. आपका जीवन सुखी रहे, इसके लिए आपको समय समय पर अपने कुल देवता की पूजा करनी चाहिए. उनके लिए भोग लगाना चाहिए. कुल देवता प्रसन्न होते हैं तो व्यक्ति का परिवार बढ़ता है. य​दि कुल देवता नाराज होते हैं तो वंश आगे नहीं बढ़ पाता है. आइए दिवाकर पंचांग से जानते हैं कि कुंडली में कुल देवता का दोष क्या है? संतान प्राप्ति का उपाय क्या है?

कुल देवता के दोष से नहीं होती संतान1. यदि सूर्य मकर या कुंभ राशि में होकर पाप ग्रहों से युक्त हो या फिर लग्न में पाप ग्रह हों तो कुल देवता की नाराजगी से संतान नहीं होती है.

2. यदि कुंडली के लग्न भाव पर पाप ग्रह की दृष्टि पड़ रही हो और शनि छठे भावस्थ हो, चंद्र, सूर्य और बुध को विशेष दृष्टि से देख रहा हो तो कुल देवता की नाराजगी से संतान नहीं होती है.

3. कुंडली के 6वें भाव में बुध और शनि हों, लग्न के सूर्य और चंद्रमा पर क्रूर ग्रहों की दृष्टि हो तो कुल देवता के श्राप से व्यक्ति को संतान नहीं होती है.

4. यदि कुंडली का पंचमेश पाप ग्रहों वाला हो या दृष्ट हो या फिर पंचमेश षष्ठेश वाला हो या दृष्टि हो तो कुल देवता का श्राप लगता है, पुत्र या पुत्री का सुख नहीं मिलता है.

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5. यदि पंचमेश गुरु वाला हो और सप्तमेश मंगल युक्त हो तो कुल देवता के श्राप से संतान नहीं होती है.

संतान प्राप्ति के उपाय1. पति और पत्नी साथ में पुत्रदा एकादशी कर व्रत करते हैं तो उनको संतान सुख मिल सकता है.

2. संतान की प्राप्ति के लिए श्री वंशकवच और स्तोत्र का पाठ करें. संतान गोपाल स्तोत्र, श्रीहरिवंश पुराण और श्री गोपाल सहस्त्रणाम का पाठ करें. बछड़े वाली गाय का दान करें.

3. संतान सुख पाने के लिए संतान गणपति स्तोत्र का पाठ करें. गणेश चतुर्थी का व्रत करें. श्री चरणव्यूह का भी पाठ कर सकते हैं.

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4. पुत्र या पुत्री की प्राप्ति के लिए छठी मैया की पूजा करें. षष्ठी देवी स्तोत्र का पाठ करें. सोमवती अमावस्या या अमावस्या पर स्नान, दान, पूजा पाठ करें. पितृ तर्पण, ब्रह्म भोज आदि करें. लाभ होगा.

5. भाद्रपद के शुक्ल पक्ष में श्री महालक्ष्मी व्रत करें. 16 दिनों तक श्री महालक्ष्मी का पूजन करें. आपके संतान सुख में बढ़ोत्तरी होगी.



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