योगी सरकार उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई नवाचार कर रही है. इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित ऐतिहासिक विश्व-विख्यात आदि शक्ति मां पाटेश्वरी देवी पाटन मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने की तैयारी चल रही है. देवीपाटन मंदिर को मां शक्ति के 51 शक्तिपीठ में से एक माना जाता है. देवी भागवत, कलिका पुराण, स्कंद पुराण और शिव पुराण में शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर का जिक्र है. धार्मिक मान्यता है कि यहां दर्शन करने मात्र से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और मां का आशीर्वाद भी मिलता है. यहां देश विदेश से लाखों की संख्या में देश विदेश से भक्त पहुंचते हैं.
योग सरकार शुरू करने वाली है परियोजनायोगी सरकार यहां एक तैरता संगीतमय फव्वारा (फ्लोटिंग म्यूजिकल फाउंटेन), मल्टीमीडिया लेजर शो, बीम प्रोजेक्शन और पानी की स्क्रीन पर वीडियो प्रोजेक्शन स्थापित करने जा रही है. यह परियोजना न केवल मंदिर के सौंदर्य को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को एक अनूठा अनुभव भी प्रदान करेगी. सरकार का लक्ष्य है कि इस धार्मिक स्थल पर आधुनिक सुविधाओं और आकर्षणों के माध्यम से अधिक से अधिक तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जाए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले और रोजगार के अवसर बढ़ें.
काम पूरा करने का तय किया गया लक्ष्यमल्टीमीडिया लेजर शो मां पाटेश्वरी की कथाओं और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेगा, जबकि पानी की स्क्रीन पर 15-20 मिनट का वीडियो शो हिंदी और अंग्रेजी में पेशेवर वॉयस ओवर और एनिमेशन के साथ मंदिर का इतिहास दर्शाएगा. सरकार का विशेष जोर है कि विश्वस्तरीय ब्रांड के टिकाऊ उपकरण, जिनकी आयु कम से कम 10 वर्ष हो, इस परियोजना को और भव्य बनाएं. मात्र 180 दिनों में डिजाइन से लेकर स्थापना तक का काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसमें 30 दिन डिजाइन स्वीकृति, 60 दिन उपकरण आपूर्ति, 60 दिन स्थापना और 30 दिन सिस्टम शुरू करने में लगेंगे.
योगी सरकार उठाए कई महत्वपूर्ण कदमयोगी सरकार ने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और पूरे परिसर का विकास, महाकुंभ मेले का भव्य आयोजन इसके प्रमुख उदाहरण हैं. देवीपाटन मंदिर में यह नई परियोजना भी इसी विजन का हिस्सा है. सरकार का मानना है कि धार्मिक स्थलों को आधुनिक और आकर्षक बनाकर न केवल देशी, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकता है.
यह है प्रमुख शक्तिपीठदेवीपाटन मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जो मां पाटेश्वरी देवी को समर्पित है. यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां माता सती का बायां कंधा गिरा था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना महाभारत काल में पांडवों ने की थी. मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनाता है. नवरात्रि के दौरान यहां लाखों भक्त मां के दर्शन के लिए उमड़ते हैं. इसके अलावा, मंदिर के पास स्थित प्राचीन कुंड और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को भी लुभाता है.
कर्ण ने किया था यहां स्नानदेवीपाटन मंदिर भारत-नेपाल सीमा पर स्थित तुलसीपुर कस्बे में स्थित है. यहां पर पंचमी तिथि को नेपाल से नाथ संप्रदाय के पुजारी मंदिर आते हैं और दशमी तिथि तक माता की पूजा अर्चना करते हैं. मंदिर के अंदर एक सूर्यकुंड भी है. मान्यता है कि द्वापर युग में कर्ण ने इस कुंड में स्नान करने के बाद भगवान विष्णु के स्वरूप परशुराम से दिव्या शास्त्र प्राप्त किए थे. सूर्यकुंड को लेकर यह भी मान्यता है कि यहां पर स्नान करने से चर्म और कुष्ठ रोग भी ठीक हो जाते हैं.