Last Updated:May 15, 2025, 21:17 IST भारतीय टीम की कप्तानी की दौड़ में जसप्रीत बुमराह सबसे आगे थे लेकिन सिडनी में चार जनवरी की दुर्भाग्यपूर्ण सुबह के बाद से वह धीरे धीरे पिछड़ते चले गए. बुमराह अब 31 वर्ष के हो चुके हैं और ऐसी स्थिति में आ गए हैं …और पढ़ेंकप्तानी की रेस में कैसे पिछड़ते चले गए जसप्रीत बुमराह ?हाइलाइट्सबुमराह कप्तानी की दौड़ से बाहर हुए.सिडनी में चोट के बाद बुमराह की संभावनाएं घटीं.बुमराह के लिए लगातार पांच टेस्ट खेलना मुश्किल.नई दिल्ली. बड़ी पुरानी कहावत है कि समय से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कभी कुछ नहीं मिलता. सामने आई थाली आपके सामने से कोई और लेकर चला जाएगा और आप मुंह ताकते रह जाएंगे. भारतीय टीम के सबसे बड़े मैच विनर और दुनिया के नंबर एक गेंदबाज की कुछ यही कहानी है. जसप्रीत बुमराह जो सालों भारतीय टीम के उप कप्तान रहे अब अचानक उनका सिरे से खारिज किया जा रहा है.
भारतीय टीम की कप्तानी की दौड़ में जसप्रीत बुमराह सबसे आगे थे लेकिन सिडनी में चार जनवरी की दुर्भाग्यपूर्ण सुबह के बाद से वह धीरे धीरे पिछड़ते चले गए. कप्तानी की भूमिका उनके लिए ही थी लेकिन कुछ महीने पहले वह पीठ के स्कैन के लिए चुपचाप सिडनी क्रिकेट मैदान से चले गए थे.बुमराह की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम टेस्ट में भारत की जीत की जरा सी भी उम्मीद धूमिल हो गई लेकिन इस चोट ने भारत के दीर्घकालिक टेस्ट कप्तान बनने की उनकी संभावनाओं को भी झटका दिया.
कप्तानी की रेस में कैसे पिछड़ गए बुमराह ?
बुमराह अब 31 वर्ष के हो चुके हैं और ऐसी स्थिति में आ गए हैं जहां भारतीय टीम की स्थायी कप्तानी दूर का सपना लग सकता है और जानकारों की राय के आधार पर उनके लिए लगातार पांच टेस्ट खेलना मुश्किल होगा. बुमराह की बात की जाए तो चयनकर्ताओं के पास बहुत ही सहज नेतृत्व मौजूद था लेकिन उनकी चिंता भी समझ में आती है. ब्रेकडाउन की स्थिति में क्या होता है. मैदान पर होने वाली चोटों को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है लेकिन स्ट्रेस फ्रैक्चर (पीठ), साइड स्ट्रेन, घुटने और हैमस्ट्रिंग से जुड़ी परेशानियां जो तेज गेंदबाजों को होती हैं, ये सभी फिटनेस से जुड़ी समस्याओं का हिस्सा हैं.
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सिडनी में जनवरी की एक सुबह चोट लगने के कारण बुमराह तीन महीने के लिए बाहर हो गए. इससे पहले 2022 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप से ठीक पहले मैदान पर ब्रेकडाउन के कारण वह 11 महीने तक खेल से बाहर रहे. अगर बुमराह को कप्तान नहीं बनाया गया है तो गंभीर-गिल की जोड़ी और गुजरात के इस तेज गेंदबाज पर भी टीम को सही दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी होगी. बुमराह को बहुत ज्यादा तकनीकी मदद की जरूरत नहीं है क्योंकि रविचंद्रन अश्विन की तरह यह गेंदबाज भी अपनी कला को लेकर बहुत आश्वस्त है.
संजय मांजरेकर का खुलासा
पूर्व भारतीय टेस्ट खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, मैं हैरान हूं कि हम टेस्ट कप्तान के रूप में बुमराह के अलावा किसी और विकल्प पर विचार कर रहे हैं. उनकी चोटों के बारे में चिंतित हैं तो अपने उप-कप्तान को सावधानी से चुने. सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा करने के लिए मुंबई पहुंचे मुख्य कोच गौतम गभीर की मौजूदगी ने अफवाहों को हवा दे दी कि शुभमन गिल अब भी नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार नहीं हैं. कुछ दिन पहले मुख्य कोच के साथ दिल्ली में नए कप्तान की लंबी बैठक के बाद चयनकर्ताओं या गंभीर के अपने रुख से पीछे हटने की बहुत कम संभावना है. पर ऐसी अफवाहें थीं कि भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले प्रभावशाली लोग गिल की अचानक पदोन्नति से खुश नहीं हैं, लेकिन यह मानना पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण होगा कि पंजाब के बल्लेबाज को अगले टेस्ट कप्तान के रूप में चुने जाने से पहले इन ताकतवर लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया था.
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