Mystery of turmeric line around the bier revealed arthi ke charo taraf haldi ki line kyon banate hain।अर्थी के चारों ओर हल्दी की रेखा क्यों? जानिए आत्मा, ऊर्जा और विज्ञान से जुड़ा गहरा सच

अर्थी के चारों ओर हल्दी की रेखा क्यों? जानिए आत्मा, ऊर्जा से जुड़ा गहरा सच

Last Updated:May 26, 2025, 00:03 ISTAntim Sanskar Rituals : हर परंपरा के पीछे कोई-न-कोई गहरा अर्थ छिपा होता है. अर्थी के चारों ओर हल्दी से रेखा खींचना सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोच-समझकर गढ़ी गई पर…और पढ़ेंअंतिम संस्कार से जुड़ी परम्पराहाइलाइट्सहल्दी की रेखा आत्मा की ऊर्जा सीमा बनती … Read more

Importance of Dakshina after havan and how to give hawan ke baad kyon dete hain dakshina।दक्षिणा के बिना हवन क्यों नहीं होता पूर्ण? जानिए धर्म और ज्योतिष की नजर में इसका महत्व

Vrishabh Rashi : थोड़ा खट्टा, थोड़ा मीठा....ऐसा होगा दिन, बॉस टेंशन बढ़ाएंगे

Importance Of Dakshina In Havan: भारत में पूजा-पाठ और हवन का खास महत्व है. ये सिर्फ धार्मिक परंपराएं नहीं हैं, बल्कि जीवन में शांति, ऊर्जा और सकारात्मकता लाने के साधन हैं. खास तौर पर हवन, जिसे अग्नि देवता के सामने किया जाता है, एक पवित्र कर्म माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, जब भी कोई … Read more

eating sweets while going outside home is good or bad ghar se bahar jane se pehle meetha kyon khana chahiye।घर से निकलने से पहले मीठा खाना शुभ या अंधविश्वास? जानिए इसके पीछे छिपे शुभ संकेत और ज्योतिषीय कारण

सिखों को क्‍यों टारगेट कर रहा असीम मुनीर? पंजाब रेजिमेंट ही काफी है...

Eating Sweets : भारत में रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई परंपराएं हैं, जिनका सीधा संबंध हमारे विश्वास, भावनाओं और पुराने अनुभवों से होता है. इन्हीं में से एक है घर से बाहर जाते समय कुछ मीठा खाना. बहुत से लोग मानते हैं कि इससे दिन अच्छा जाता है और काम में सफलता मिलती है. … Read more

why new clothes worn by the dead person before cremation antim sanskar se pehle mritak ko naye kapde kyon pehnaye jate hain।मृत्यु के बाद नए कपड़े पहनाने की परंपरा: जानिए अंतिम विदाई से जुड़ी मान्यता और भावना, क्या कहते हैं पंडित जी?

घर में बनाकर रखें पुदीना-सौंफ पाउडर, गर्मी में मिनटों में बनेगी ठंडी ड्रिंक

Last Updated:May 05, 2025, 15:50 ISTWhy New Clothes Worn Dead Person : मृतक को नए वस्त्र पहनाने की परंपरा केवल एक रीति नहीं, बल्कि श्रद्धा, सम्मान और आत्मिक विश्वास से जुड़ी हुई एक सजीव प्रक्रिया है. यह न केवल आत्मा की नई यात्रा की तैयारी है, बल्…और पढ़ेंशव को नए कपड़े पहनाने का रिवाज़हाइलाइट्समृतक को … Read more

significance of worshiping trees situated inside temple mandin me lage ped paudhon ki puja kyon hoti hai।पेड़ नहीं, जीवित देवता हैं ये! जानिए मंदिरों में पेड़ों की पूजा के पीछे छिपे राज, क्या है इसका आध्यात्मिक महत्व?

पिघल रहे सख्त ट्रंप! दे दिया ऐसा बयान, जिसने बढ़ा दी भारत की उम्मीदें

Significance Of Worshiping Trees : आपने अक्सर देखा होगा कि जब भी कोई मंदिर जाता है, तो वहां मूर्ति के साथ साथ किसी पेड़ की भी पूजा करता है. कई बार लोग उस पेड़ के पास दीया जलाते हैं, जल चढ़ाते हैं और हाथ जोड़कर खड़े हो जाते हैं. यह सब देखकर मन में सवाल … Read more

3 years old girl take santhara what is this ritual in jain religion kyon li itni chhoti bachchi ne samadhi।क्यों देशभर में चर्चित हो गई वियाना और संथारा, जानें जैन धर्म की इस अनोखी परंपरा के पीछे की सोच और नियम

क्यों देशभर में चर्चित हो गई वियाना और संथारा, जानें जैन धर्म की अनोखी परंपरा

Last Updated:May 05, 2025, 04:45 ISTWhat Is Santhara : संथारा एक गहरी सोच और विश्वास से जुड़ी परंपरा है. यह सिर्फ एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और जीवन के अंतिम पड़ाव को सम्मान से पूरा करने का तरीका है. इंदौर की बच्ची का मामला द…और पढ़ेंक्या है संथारा?हाइलाइट्सइंदौर की 3 साल की … Read more

why only 108 bodies cremated daily at manikarnika ghat kyon 108 dead body jalai jati hain।मणिकर्णिका घाट का रहस्य: रोज क्यों जलती हैं 108 चिताएं?, क्या है इसकी मान्यता? क्यों खास है ये संख्या जानें पंडित जी से

इनकम टैक्‍स विभाग ने पेश किया ITR-3 फॉर्म, इस बार हुए हैं कई बदलाव

Last Updated:May 02, 2025, 15:44 IST108 Bodies Cremated : सनातन धर्म में सोलह संस्कारों का विशेष महत्व है. जो जन्म से मृत्यु तक निभाए जाते हैं. इन्हीं में से एक है अंतिम संस्कार जो व्यक्ति की मृत्यु के बाद किया जाता है. 108 शवों का दाह संस्कार का रहस्यहाइलाइट्समणिकर्णिका घाट पर रोज जलती हैं 108 … Read more