Vaishakh Purnima 2025: भद्रा के साये में वैशाख पूर्णिमा आज, जानें महत्व, पूजा विधि व मुहूर्त और चंद्रोदय का समय



वैशाख मास की पूर्णिमा यानी बुद्ध पूर्णिमा आज है. हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को वैशाख पूर्णिमा मनाई जाती है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, व्रत व पितरों के नाम के तर्पण और दान का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म भी हुआ था इसलिए इस तिथि को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. साथ ही इस दिन पिछले एक माह से चल रहे वैशाख स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति भी दी जाती है. आइए जानते हैं वैशाख मास की पूर्णिमा का महत्व, पूजा विधि, पूजा मुहूर्त के बारे में…

वैशाख पूर्णिमा का महत्वहिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन पवित्र नदि में स्नान कर पूजा पाठ करने और पितरों के नाम का तर्पण व दान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. इस दिन विधि विधान के साथ भगवान नारायण और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से सभी रोग व शोक से मुक्ति मिलती है और हर भौतिक सुख की प्राप्ति होती है. वैशाख पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा सुनने व पढ़ने का भी विशेष महत्व है. मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति भी होती है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान बुद्ध और चंद्रदेव का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं. वैशाख पूर्णिमा सभी संकटों का नाश करती हैं और दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलती है.

वैशाख पूर्णिमा 2025 आजपूर्णिमा तिथि का प्रारंभ – 11 मई, शाम 6 बजकर 55 मिनट सेपूर्णिमा तिथि का समापन – 12 मई, शाम 7 बजकर 22 मिनट परउदिया तिथि को मानते हुए 12 मई दिन सोमवार को यानी आज वैशाख पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा.

वैशाख पूर्णिमा पूजा मुहूर्त – आज दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक.

इस तरह चंद्रमा को दें अर्घ्यभगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने के बाद वैशाख पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य देने की भी परंपरा है. मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और मानसिक शांति भी मिलती है. आज रात चंद्रोदय के समय आप एक लोटे में जल, थोड़ा सा दूध और अक्षत डाल लें और चंद्रमा की ओर मुख करते हुए ‘ॐ सों सोमाय नमः‘ मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य दें.

चंद्रोदय का समय – आज शाम 6 बजकर 57 मिनट पर

वैशाख पूर्णिमा पर शुभ योगआज वैशाख पूर्णिमा पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. आज वैशाख पूर्णिमा पर रवि योग बन रहा है, जो सुबह 5 बजकर 33 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. वहीं पूरे दिन बुधादित्य योग और वरियन योग का भी प्रभाव रहने वाला है. आज भद्रा का साया भी बना रहने वाला है, जो 5 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. हालांकि भद्रा आज पाताल लोक में रहेगी इसलिए पूजा पाठ के कार्यक्रम कभी भी कर सकते हैं.

वैशाख पूर्णिमा 2025 पूजा विधिवैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान व ध्यान करने के बाद व्रत का संकल्प लें. साथ ही एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें. भगवान विष्णु को चंदन, अक्षत, फल, फूल आदि नैवेद्य अर्पित करें. इसके बाद घी का दीपक जलाकर विष्णु चालीसा और सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ अवश्य करें. फिर शाम के समय भगवान विष्णु की आरती करें और रात्रि जागरण भी करें.

वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें दानवैशाख पूर्णिमा पर यानी आज जल, अन्न, फल, पानी से भरा मटका, चीनी, चावल, पंखा, छाता, सत्तू, नमक आदि चीजों के दान करने का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं अकाल मृत्यु का भय भी खत्म हो जाता है.



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