Vidur Niti In Hindi people disrespect these 6 things after work done log kis kis ka upkar nahi manta hai : ये लोग होते हैं मौकापरस्त! काम निकल जाने पर इन 6 चीजों का कर देते हैं तिरस्कार, जानें क्या कहती है विदुर नीति



द्वापर युग में हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र के दरबार में महात्मा विदुर को मंत्री का पद प्राप्त था. उन्होंने अपने राजा धृतराष्ट्र को कई अच्छे सुझाव दिए थे. उन्होंने धृतराष्ट्र को बताया था कि कौन ऐसे लोग हैं, जो काम निकलन जाने पर उपकार भूल जाते हैं और तिरस्कार कर देते हैं. आज कलियुग में भी विदुर नीति से जुड़ी बातें सही साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि काम निकल जाने पर लोग किन 6 चीजों का तिरस्कार कर देते हैं?

लोग इन 6 चीजों का नहीं मानते उपकार!

महात्मा विदुर के अनुसार, शिष्य, विवाहित बेटा, पुरुष, मालिक, नदी पार करने वाला व्यक्ति और रोगी अपने पर उपकार करने वाले व्यक्ति का अनादर करते हैं.

1. शिष्य अपने गुरु का: महात्मा विदुर ने बताया है कि शिष्य जब शिक्षा ग्रहण करके चला जाता है तो अपने गुरु का उपकार नहीं मानता है. वह अपने गुरु का अनादर करता है.

2. विवाहित बेटा अपनी माता का: जिन बेटों का विवाह हो जाता है, उनमें से अधिकांश अपनी माता के उपकारों को भूल जाते हैं. वे अपनी माता का अनादर करते हैं.

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3. पुरुष स्त्री का: विदुर के अनुसार पुरुष जब काम वासना से पीड़ित होता है तो वह स्त्री से सहवास करता है. जब उसकी कामवासना शांत हो जाती है तो स्त्री का तिरस्कार कर देता है.

4. मालिक सहायक का: जिनके घर पर नौकर होते हैं, यदि वे काम करके चले जाते हैं तो उनका मालिक उनका उपकार नहीं मानता है. उपकार मानने की बजाय उसका अपमान करता है.

5. नदी पार करने वाला नाव का: जब कोई व्यक्ति नदी के किनारे होता है तो वह नाव में सवार होकर दूसरे किनारे पहुंच पर जाता है. एक बार नदी पार कर लेने के बाद वह नाव का आदर नहीं करता, उसका उपकार नहीं मानता है.

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6. रोगी व्यक्ति डॉक्टर का: कोई व्यक्ति किसी रोग से पीड़ित होता है तो वह इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाता है. डॉक्टर उसे ठीक कर देता है. एक बार ठीक होने के बाद वह व्यक्ति उस डॉक्टर को भूल जाता है. उसका उपकार नहीं मानता.



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