ग्रहों के राजा सूर्य देव जिस समय किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस समय संक्रांति होती है. सूर्य देव अभी मेष राशि में हैं. वे वृषभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं. जिस समय वृषभ राशि में सूर्य का प्रवेश होगा, उस समय सूर्य की वृषभ संक्रांति होगी. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव का कहना है कि संक्रांति के दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. सूर्य के शुभ प्रभाव से धन और धान्य बढ़ता है. आइए जानते हैं कि वृषभ संक्रांति कब है? वृषभ संक्रांति पर स्नान और दान का मुहूर्त क्या है? वृषभ संक्रांति का हम पर क्या प्रभाव होगा?
वृषभ संक्रांति 2025 तारीख
पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 15 मई दिन गुरुवार को 12 बजकर 21 एएम पर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. उस समय वृषभ संक्रांति का क्षण होगा. इस आधार पर वृषभ संक्रांति 15 मई गुरुवार को है. इस साल की वृषभ संक्रांति शिव योग और ज्येष्ठा नक्षत्र में है.
वृषभ संक्रांति 2025 महा पुण्य काल
15 मई को वृषभ संक्रांति का महा पुण्य काल सवा दो घंटे का है. महा पुण्य काल सुबह में 5 बजकर 30 मिनट से सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक है. महा पुण्य काल में वृषभ संक्रांति का स्नान और दान करना शुभ फलदायी होता है.
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वृषभ संक्रांति 2025 पुण्य काल
इस बार की वृषभ संक्रांति पर पुण्य काल 6 घंटे 47 मिनट का है. पुण्य का प्रारंभ सुबह 5 बजकर 30 मिनट से होगा, जो दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. जो लोग महा पुण्य काल में स्नान और दान नहीं कर सकते हैं, वे पुण्य काल में कर लें.
वृषभ संक्रांति 2025 स्नान और दान मुहूर्त
स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त उत्तम माना जाता है. 15 मई को वृषभ संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:07 ए एम से 04:49 ए एम तक है. लेकिन संक्रांति का स्नान और दान पुण्य काल और महा पुण्य काल में अच्छा रहता है. ऐसे में आप संक्रांति का स्नान सुबह 04:07 ए एम से लेकर दोपहर 12:18 पीएम के बीच कर सकते हैं.
वृषभ संक्रांति पर दान की वस्तुएं
वृषभ संक्रांति के अवसर पर स्नान के बाद आपको सूर्य देव से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए. स्नान के बाद सबसे पहले सूर्य देव को अर्घ्य दें. फिर गेहूं, लाल कपड़ा, लाल फूल, लाल रंग का फल, लाल चंदन, गुड़, तांबा, घी आदि का दान करें. इससे आपकी कुंडली का सूर्य दोष भी मिटेगा.
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वृषभ संक्रांति का प्रभाव 2025
इस साल की वृषभ संक्रांति का नाम मन्दाकिनी है. वृषभ संक्रांति पर सूर्य देव लाल रंग के वस्त्र पहने हाथी पर विराजमान होकर पश्चिम दिशा में गमन करेंगे. वे अपने हाथों में धनुष धारण किए होंगे. उनकी दृष्टि ईशान कोण में होगी. उस दिन उनका खाने का पदार्थ दूध है, जो लोहे के पात्र में होगा.
वृषभ संक्रांति का प्रभाव लोगों पर शुभ होगा. वृषभ संक्रांति के कारण धन और समृद्धि आएगी. जो लोग बीमार हैं, उनको स्वास्थ्य लाभ होगा. पुरानी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है. धन और धान्य से घर भरेंगे. अन्य देशों के साथ संबंध मधुर होंगे. रिश्ते मजबूत होंगे. वस्तुओं की लागत सामान्य रहेगी.